Kabirdas
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कबीरदास : धार्मिक कर्मकांड, अंधविश्वास और पाखंड का जोरदार करते थे खंडन, पढ़ें दोहे..
संत कबीर दास जी के दोहे 1. लाडू लावन लापसी, पूजा चढ़े अपार। पूजी पुजारी ले गया, मूरत के मुह छार। अर्थ : कब…
संत कबीर दास जी के दोहे 1. लाडू लावन लापसी, पूजा चढ़े अपार। पूजी पुजारी ले गया, मूरत के मुह छार। अर्थ : कब…
Tarksheel Adda